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बालगंगा महाविद्यालय सेन्दुल की लापरवाही के चलते छात्रसंघ क्रमिक अनशन पर

विधानसभा घनसाली के उच्चशिक्षा के एकमात्र केंद्र बालगंगा महाविद्यालय सेन्दुल के राजकीयकरण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने एवं महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण अनुत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में सुधार करने की 2 सूत्रीय मांगों को लेकर आज दिनांक 18 दिसंबर 2020 से छात्रसंघ पदाधिकारियों ने महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया है। लंबे समय से उठ रही बालगंगा महाविद्यालय के राजकीयकरण की मांग को देखते हुए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्रीमान त्रिवेंद्र सिंह रावत जी की द्वारा बूढ़ाकेदार बग्वाल मेले में 9 दिसंबर 2018 को महाविद्यालय के राजकीकरण की घोषणा किए जाने के बावजूद भी प्रबंधन समिति द्वारा सरकार को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी न किए जाने के कारण दो वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी महाविद्यालय का प्रांतीयकरण नहीं हो पाया है। इसके साथ ही महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण इस वर्ष की वार्षिक परीक्षा में लगभग समस्त महाविद्यालय के 800 से अधिक छात्र-छात्राएं आंतरिक परीक्षाओं के अंक विश्वविद्यालय को न भेजे जाने से b.a. तृतीय वर्ष के लगभग 250अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं गौरतलब है कि यह सभी छात्र छात्राएं अपने सेमेस्टर परीक्षाओं में उत्तीर्ण है जिससे सभी छात्र अंतिम छात्र छात्राएं अपने भविष्य के प्रति आशंकित हैं। इन्हीं दो प्रमुख मांगों को लेकर छात्र संघ ने महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया है और मांगे न माने जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है। धरना देने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष अंजली चौहान, उपाध्यक्ष उर्मिला नेगी, कोषाध्यक्ष सुभाष पैन्यूली, छात्रा प्रतिनिधि पूनम बिष्ट, विकास पैन्यूली सविता पंवार, सत्येंद्र, कविता जयप्रकाश आदि शामिल थे। छात्रसंघ की मांग को जायज ठहराते हुए पहले दिन पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनोज रमोला, हयात सिंह कंडारी एवं दीपक सिंह राणा ने धरना स्थल पर जाकर छात्रसंघ का समर्थन किया! !

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