Ticker

6/recent/ticker-posts

बूढ़ाकेदार आपदा प्रभावित अनुसूचित जाति संघर्ष समिति का ऐलान

भिलंगना ब्लॉक में अनुसूचित जाति बाहुल्य रक्षिया गांव के लोगों ने पर्यावरणविद सुरेश भाई जी के नेतृत्व में निर्णय लिया है कि यदि उनके गांव की तरफ जाने वाले रास्ते के निर्माण के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई तो वे भविष्य में धरना प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं। 

बीती 26- 27 जुलाई की भीषण बाढ़ के बाद थाती गांव की तरफ प्रारंभिक बचाव हेतु निर्माण कार्य चल रहा हैं। लेकिन रक्षिया गांव के तरफ किसी भी तरह के राहत और बचाव हेतु कोई भी निर्माण नहीं हो रहा है।जबकि गांव के प्रभावित लोगों ने तत्काल ही निवेदन किया था।यह गांव "प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम" भी है। ग्रामीणों को दुःख है कि उनका रास्ता जो बाढ़ से पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और उनकी तरफ धर्म गंगा में आई बाढ़ से एकत्रित मलवा जो फिलहाल बचाव भी कर रहा है, उसको भी उठाकर दूसरे स्थान पर ले जा रहे हैं। यहां लोगों की मांग है कि मेड और रक्षिया गांव के लिए बने मोटर पुल से लेकर कुलबंद तक लगभग 1 किमी की लंबाई में जगह-जगह बाढ़ के कारण गांव की खेती, रास्ता और नहर जो बुरी तरह ध्वस्त हो गये है। उसको बचाने के लिए आरसीसी दीवार निर्माण की मांग कर रहे हैं।

लोगों की मांग है कि पूर्व में बाढ़ से प्रभावित उत्तरकाशी और श्रीनगर की तर्ज पर यहां दोनों ओर मजबूत तटबंध बनाने की कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही गांव के पास में स्थित लोक जीवन विकास भारती नामक प्रसिद्ध सामाजिक संस्था के चारों ओर बाढ़ ने बुरी तरह ध्वस्त किया है। यहां पर भी सुरक्षा दीवार बनाने की आवश्यकता है। थाती गांव में भी दलित परिवारों में सागर सुनार और नत्थीलाल  के घरों को बचाने के लिए तत्काल सुरक्षा दीवार की मांग की गई है। और उन्हें अब तक उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया है यह स्थिति थाती गांव में बचेन्द्र सेमवाल, हरीश सेमवाल, मनमोहन रावत, संदीप नौटियाल, उदय सिंह राणा आदि की भी है  जिन्हें अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। 

अतः राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए शासन- प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने हेतु "प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम रक्षिया बूढ़ा केदारनाथ आपदा प्रभावित अनुसूचित जाति संघर्ष समिति" का निर्माण किया है। इस संबंध में तहसीलदार घनसाली के हाथों भी एक पत्र 17 अगस्त को उप जिलाधिकारी को भेजा गया है। और जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को भी पत्र भेजा है।अनुसूचित जाति की बस्ती के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया तो वह धरना और प्रदर्शन प्रारंभ कर देंगे यहां संघर्ष समिति के सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता नागेंद्र दत्त, क्षेत्र पंचायत सदस्य अव्वल छनवान, सामाजिक कार्यकर्ता जयशंकर नगवान और संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व प्रधान महेश रमोला के नेतृत्व में आने वाले दिनों में राहत और पुनर्निर्माण के लिए मांगों को लेकर  सड़क पर उतर सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments